डेस्क- ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर बनाने के बाद से ही किन्नर अखाड़ा काफी चर्चा में है। वहीं अब खबरें सामने आ रही हैं कि ममता को किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर के पद से हटा दिया गया है.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, किन्नर अखाड़े के संस्थापक अजय दास ने ममता कुलकर्णी को अखाड़े से निष्कासित कर दिया है. उन्होंने महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी को भी किन्नर अखाड़े से निष्कासित कर दिया है.
उन पर आरोप है कि उन्होंने देशद्रोह की आरोपी ममता कुलकर्णी को अखाड़े में शामिल किया और उनकी जानकारी के बिना उन्हें महामंडलेश्वर बना दिया. उनके अनुसार, आर्चाय महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी तथा कथित ने असवैधानिक ही नहीं अपितु सनातन धर्म व देश हित को छोड़कर ममता कुलकुर्णी जैसे देशद्रोह के मामले में लिप्त मिहला जो की फिल्मी ग्लैमर से जुड़ी हुई है.
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उसे बिना किसी धार्मिक व अखाड़े की परंपरा को मानते हुए वैराग्य की दिशा के बजाय सीधे महामंडलेश्वर की उपाधि व पट्टा अभिषेक कर दिया. जिस कारण से मुझे आज बेमन से मजबूर होकर देश हित सनातन एवं समाज हित में इन्हें पद मुक्त करना पड़ रहा है.
बता दें ममता को महाकुंभ मेला 2025 में किन्नर अखाड़े ने महामंडलेश्वर की उपाधि दी. उनका नाम बदलकर श्री यामाई ममता नंदगिरी कर दिया गया. ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर बनाए जाने से कई संत नाराज हैं। उनका कहना है कि इस पद पर काबिज होने के लिए सालों के अनुशासन और समर्पण की जरूरत होती है। मगर ममता को एक दिन में यह उपलब्धि दे दी गई।
बाबा रामदेव ने भी इस फैसले पर आपत्ति दर्ज कराई है। रामदेव ने कहा कि कल तक सांसारिक सुखों में लिप्त रहने के बाद कोई अचानक एक दिन में संत कैसे बन गया और महामंडलेश्वर जैसी उपाधि प्राप्त कर ली।
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