डेस्क- केदारनाथ धाम और आसपास के क्षेत्रों में भारी बर्फबारी जारी है. बर्फबारी से जहां पर्यटक आनंदित हैं, वहीं स्थानीय लोगों और प्रशासन के लिए यह मुसीबत बन गई है. केदारनाथ धाम में करीब तीन फीट से अधिक बर्फ जम चुकी है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है और पुनर्निर्माण कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
उत्तरकाशी जिले में 30 गांव पूरी तरह बर्फ की सफेद चादर से ढक गए हैं. गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे बर्फबारी के चलते बंद हो गए हैं. सीमा सड़क संगठन गंगोत्री हाईवे को खोलने के लिए बर्फबारी के थमने का इंतजार कर रहा है.
बर्फबारी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है. लोग बर्फ पिघलाकर अपनी जल आवश्यकताओं को पूरा कर रहे हैं. गंगोत्री क्षेत्र के 10 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई है. भारी बर्फबारी ने केदारनाथ, चोपता और दुगलविट्टा जैसे पर्यटन स्थलों को आकर्षण का केंद्र बना दिया है.
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बड़ी संख्या में पर्यटक बर्फबारी का आनंद लेने पहुंचे हैं. हालांकि, बर्फबारी के कारण कई पर्यटक वाहन मक्कू बैंड और दुगलविट्टा के बीच फंस गए. इन फंसे हुए वाहनों को निकालने में स्थानीय पुलिस और डीडीआरएफ की टीम लगातार सहायता कर रही है.
केदारनाथ और उत्तरकाशी में भारी बर्फबारी के साथ निचले इलाकों में बारिश ने शीतलहर का प्रकोप बढ़ा दिया है. जिला मुख्यालयों में अधिकतम तापमान 11 डिग्री और न्यूनतम 4 डिग्री तक दर्ज किया गया है. ठंड के चलते लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए हैं. कई जगहों पर अलाव जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश की जा रही है.
भारी बर्फबारी और बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है. उच्च क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों को सावधानी बरतने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है.
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