रांची- असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने झारखण्ड के CM हेमंत सोरेन पर जमकर हमला बोला है. हिमंता ने कहा कि संथाल परगना में लगातार घुसपैठिए आ रहे हैं, इनकी संख्या करीब 20% हो गई है. इसके बावजूद हेमंत सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करती, क्योंकि वे उनके वोट बैंक हैं.
अब हेमंत सोरेन आदिवासियों के नेता नहीं बल्कि घुसपैठियों के सरदार बन गए हैं. यह इस क्षेत्र के लिए बहुत खतरनाक है, लेकिन जिस तरह से हमने असम में बांग्लादेशियों के खिलाफ कार्रवाई की, वैसी ही कार्रवाई यहां भी की जाएगी.
असम के मुख्यमंत्री ने ये बातें दुमका में आयोजित भाजपा की चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कही. यह चुनावी सभा दुमका जिले के चार विधानसभा क्षेत्रों से शिकारीपाड़ा से परितोष सोरेन, जरमुंडी से देवेंद्र कुंवर, जामा से सुरेश मुर्मू और दुमका से सुनील सोरेन के नामांकन के अवसर पर आयोजित की गई थी.
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हिमंता ने कहा कि ने कहा कि अगर हमारी सरकार बनी तो कानून बनाया जाएगा कि जो भी आदिवासी महिला घुसपैठिए से शादी करेगी, उसके बच्चों को आदिवासी का दर्जा नहीं दिया जाएगा. अगर स्थानीय आदिवासी समाज उस महिला के विवाह को मंजूरी नहीं देता है तो उसे मुखिया आदि का चुनाव भी नहीं लड़ने दिया जाएगा.
हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने संबोधन में कहा कि इरफान अंसारी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन के बारे में अभद्र टिप्पणी की है. सीएम को उन्हें घसीटकर जेल भेजना चाहिए था लेकिन वे ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि वहां भी वोट बैंक का सवाल है.
उन्होंने यह भी कहा कि आलमगीर आलम के पास अवैध रूप से करोड़ों रुपये पाए गए. इसके बावजूद कांग्रेस ने उनकी पत्नी को टिकट दिया जो दर्शाता है कि इस लूट में सभी शामिल हैं.
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असम के सीएम ने कहा कि उनके खिलाफ जो कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए थी, वह नहीं हुई. अगर इस कार्रवाई की जिम्मेदारी मुझे मिलती है तो आलमगीर आलम और इरफान अंसारी से हिसाब बराबर करने में मुझे एक घंटा भी नहीं लगेगा.








